भोजपुरी सेक्सी ऑडियो

लड़कियों की गांड

लड़कियों की गांड, केस को दबाने के लिए और मुझे पक्का यकीन है कि आपके यहाँ से जाने के थोड़ी देर बाद ही हम लोग भी निकल जाएँगे.... लेफ्ट साइड वाला प्यार है बे और मुझपर उंगली उठाने से पहले खुद को देख, तीसरा साल चल रहा है लेकिन इतना दम नही कि इन तीन साल मे उसे जाकर तीन शब्द बोल सके...और मुझपर उंगली उठाने से पहले खुद से पुच्छ कि क्या तू एश से लेफ्ट साइड वाला प्यार करता है या नही...

कुछ नही, तू इसे एक बार हवेली मे लेके आजा कसम से साल भर का असाइनमेंट एक बार मे इसे दे दूँगा, साली के क्या चुत होगी क्या दूध होंगे , यदि ये मुझसे चुद जाए तो कसम से मैं अपनी इंजिनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दूं..... अबे ऐसी बात नही है, बाकी के दोनो टेलिस्कोप खराब है ,इसीलिए वहाँ कोई नही है....झूठ बोलते हुए मैं आगे बोलाऔर तुम लोग ऑलरेडी चोदु हो,इसमे समझने का सवाल कहाँ से आ टपका...

हे मिस्टर. मैं कोई ऐसी वैसी लड़की नही हूँ ,समझे...वरुण को सामने से धक्का देकर सोनम ने मेरी आँखो मे आँखे डालते हुए फाइयर किया.... लड़कियों की गांड रश्मि से मिलने से पहले मैंने कुंदन के घर का रुख किया – उसकी बुरी हालत देख कर मेरा दिल वैसे ही बैठ गया। हमारा परिचय हुआ, तो वो हाथ जोड़ कर बिस्तर से उठने की कोशिश करने लगा। मैंने उसको सहारा दे कर लिटाया, और लेटे रहने का आग्रह किया।

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  1. उनके उस दिन के अंग्री यंग मॅन रूप को देखकर मैं डर गया था ,क्यूंकी अमर सर विदाउट एनी प्लान ,नौशाद पर अटॅक कर देते और बाद मे फस जाते...जो मैं नही चाहता था....उन्हे उस दिन रोकने की एक और वजह ये भी थी मैं नौशाद को अपने हाथो से लाल करना चाहता था....
  2. ये आजकल कैसे-कैसे लोग इंजिनियरिंग करने आ जाते है, कुच्छ मालूम होता नही है...एश को टारगेट करते हुए मैने अरुण से कहातुझे पता है अरुण ,ऐसे ही स्टूडेंट्स की वजह से इंजिनीयर्स की वॅल्यू गिरती जा रही है... सऊदी अरब का मौसम कैसा है
  3. फिर मैने सोचा कि मेरा सवाल ही ग़लत था ,इसलिए मैने अपने पहले सवाल को एडिट किया और दोबारा टाइप कियाहाउ टू डू लव लेकिन अबकी बार रिज़ल्ट पहली बार से भी बदतर रहा....क्यूंकी मेरे'हाउ टू डू लोवे क्वेस्चन के जवाब मे गूगल महाराज ने मेरे सामने चुदाई के कयि स्टेप्स रख दिए थे..... अब तक मेरे कॉलेज के सभी लड़के वहाँ पहुच चुके थे और जो बाकी फट्टू किसम के थे,वो दोनो ग्रूप से थोड़ी दूर खड़े तमाशा देख रहे थे....
  4. लड़कियों की गांड...मैने वेटर को डाइरेक्ट 2000 रुपये दिए और वहाँ से चलता बना...जिस काउंटर पर बैठकर मैं अरुण और सौरभ के साथ टल्ली हो रहा था,उसी के ठीक सामने बैठने का इंतज़ाम था... रमेश : कोई गारंटी तो नहीं है ना भैया कि मैं ठीक हो जाऊँगा , और माँ का क्या !भैया ये बेकार कि बातें हैं , आप वैसा ही करेंगे जैसा मैंने आपको कहा है !आप अपने भाई के बच्चे के बाप बनेंगे ! पिछले 8 महीने से मैं आपको समझा रहा हूँ , कि आप 'सोना' के साथ सेक्स कर लो और उसको माँ बना दो !
  5. नही,मैं तुझे क्यूँ कुच्छ बोलूँगा....मैं तो इसे समझा रहा था...राजश्री के सर के बाल पकड़ कर मैने धीरे से खींचा और बोलाचोदु, मछलि को पकड़ने के बाद पानी मे वापस छोड़ना होता है...यदि तूने ऐसा नही किया तो तुझे एक निर्दोष और मासूम फिश की हत्या करने के जुर्म मे धारा 302 के तहत फाँसी की सज़ा मिलेगी.... अब ब्रेकफास्ट क्या खाक करेगा , टाइम नही बचा है....मैं बाथरूम से निकला ही था कि उसने मुझे टोका...और पी रात भर दारू, साले खुद को देख ,क्या हालत बना रखी है...

शादी के लिए लड़कियों के नंबर

इसमे कौन सी बड़ी प्राब्लम है...आइ लव दारू मोर दॅन गे-अरुण...और इसी के साथ हम सभी हंस पड़े,सिवाय अरुण को छोड़ कर....

तेरी आवाज़ इतनी धीमी क्यूँ आ रही है...जब मैं मन ही मन खुद की तारीफ किए जा रहा था तो बड़े भैया ने मुझे टोका... वहाँ से पेट्रोल पंप तक पहुचने मे हमे मुश्किल से 15 मिंट. लगे, बाइक की टांक पेट्रोल से फुल करवाई और बाइक पर बैठे....शुरू-शुरू मे तो हमने सोचा था कि शांति से सारीफो की तरह पेट्रोल भरवा कर पैसे देंगे और वहाँ से चलते बनेंगे...लेकिन अचानक ही अरुण को ना जाने क्या सूझा वो मेरे कान मे फुसफुसाया...

लड़कियों की गांड,तू लवडे चुप ही रह...तेरे कारण उस झट बराबर लौंडी ने मेरा दिमाग़ का दारू बनाकर पी गयी ,साली रंडी...दिल तो कर रहा था कि वही उठा के पटक दूं उसको...

MM की बोतल खाली हो चुकी थी और मैं भी अब बिल्कुल तैयार था वरुण को वो सब बताने के लिए ,जो मैं नही बताना चाहता था....

5 किलोमेटेर पैदल चलने के कारण हम दोनो पसीने से तर-बतर हो गये थे और जब पसीने से नहाए हुए कॉलेज पहुँचे तो लंच का बिगुल बज चुका था...पढ़ाई कैसे की जाती है

घुमाने लाई हूँ तुम्हे ,दिन भर इंडस्ट्री मे तो रहते हो...अपने बालों को मिरर मे देखकर संवारते हुए निशा बोलीबाइ दा वे ,तुमने अभी तक बताया नही मैं कैसी दिख रही है... बरसो से कुछ लफ्ज़ , कुछ अल्फ़ाज़ बड़ी मुश्किल और शिद्दत से लिख रखे थे मैने किसी के लिए, जो मेरे लिए खास हो और आज एसा को देखकर वो अल्फ़ाज़ मेरे दिल से बाहर आने के लिए मचल रहे थे......

बक्चोद है क्या 25 अक्टोबर को तो ये कांड हुआ था जब मैं घर जा रहा था...मेरे ख़याल से आज 2-3 नवेंबर होगा...क्यूँ ?

इस बार उसने भारी मेहनत और अनिच्छा से तस्वीर पर नज़र डाली – जैसे मैंने उसको एक मन अनाज की बोरी ढोने को कह दिया हो।,लड़कियों की गांड लेकिन मुझे ऐसा क्यूँ लग रहा है , तूने लड़की बदल ली है तो कही तुझे आराधना से प्यार ना हो जाए...मैने बहुत से लौंदो को देखा है, जो पहले तो सिर्फ़ चूत के लिए लड़की पटाते है लेकिन फिर चूत मारते-मारते चूतिया बनकर उसी लड़की के आगे-पीछे घूमते है...

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